देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति 2027 की ओर बढ़ रही है और उसके साथ ही सरकार, विपक्ष और शासन-प्रशासन के सामने सवालों की फेहरिस्त भी लंबी होती जा रही है। इसी बदलते राजनीतिक और विकासात्मक परिदृश्य को एक मंच पर समेटता नजर आया ‘अड्डा उत्तराखंड कॉनक्लेव 2026’।
अड्डा इनसाइडर की पहली वर्षगांठ पर आयोजित इस कॉनक्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना और भाजपा महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज, तक ने अपने-अपने राजनीतिक नजरिये रखे। वहीं वरिष्ठ नौकरशाहों और नीति-निर्माताओं ने जमीन, ऊर्जा, सड़क, शहरीकरण, आवास और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं का खाका सामने रखा। आयोजन में राजनीतिक बहस के साथ विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक सरोकार भी चर्चा के केंद्र में रहे।
कॉनक्लेव की सबसे बड़ी खासियत यही रही कि सत्ता और विपक्ष ने एक ही मंच से उत्तराखंड की अलग-अलग तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री धामी ने जहां सरकार के स्थायित्व, विकास और फैसलों को अपनी ताकत बताया, वहीं विपक्ष ने रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, पलायन, भर्ती परीक्षाओं, प्रशासनिक निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े सवाल उठाए। नौकरशाही के सत्रों में इन राजनीतिक आरोपों से अलग जमीन, बिजली, सड़क और शहरों के भविष्य को लेकर आंकड़ों और प्रक्रियाओं का पक्ष सामने आया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुए सीधे संवाद में 2027 स्वाभाविक रूप से सबसे बड़ा राजनीतिक संदर्भ रहा। सरकार के कामकाज, विपक्ष की आक्रामकता, युवाओं, यूआईआईडीबी की जमीन, बिजली खरीद, यूसीसी और आपदा प्रबंधन से लेकर चुनावी रणनीति तक सवाल पहुंचे। कॉनक्लेव में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी ने 2027 की राजनीतिक चर्चा को दूसरा आयाम दिया। उनके सत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश मुख्यमंत्री पद को लेकर था। रावत ने कहा कि अब उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं बल्कि उत्तराखंड को बदलना है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कॉनक्लेव में भाजपा सरकार पर भर्ती, मेडिकल प्रवेश, अंकिता भंडारी प्रकरण, प्रशासनिक निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव की जरूरत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री को आंकड़ों के आधार पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी। कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने 2027 के संभावित कांग्रेस एजेंडे की तस्वीर और स्पष्ट की। उनके सामने मुद्दों की कमी नहीं बल्कि प्राथमिकता तय करने की चुनौती नजर आई।
भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कांग्रेस के चुनावी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवालों से लेकर पलायन, रोजगार और 2027 की भाजपा रणनीति तक अपनी बात रखी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष चुनाव नजदीक आते ही मुद्दे उठा रहा है, जबकि भाजपा सरकार अपने पांच वर्षों के कामकाज के आधार पर जनता के बीच जाएगी। कॉनक्लेव में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने 2027 की राजनीति को लेकर अपने-अपने दावे और सवाल जनता के सामने रखे।
राजनीतिक बहस से आगे कॉनक्लेव का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वे सत्र रहे जहां विवादित नीतिगत मुद्दों पर सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल हुए। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूआईआईडीबी एमडी डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम ने 7000 बीघा जमीन और छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक से प्रस्तावित 1320 मेगावाट थर्मल पावर परियोजना पर सरकार का पक्ष रखा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क के लिए अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की जानकारी दी। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने देहरादून और हरिद्वार जैसे शहरों में ई-बीआरटीएस की दिशा में आगे बढ़ने, 192 स्थानों पर करीब 16 हजार वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित करने और 2041 तक के लिए शहरी मास्टर प्लान तैयार करने की जानकारी दी।
शहर और पहाड़ दोनों एजेंडे में
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने शहरी जीवन को बेहतर बनाने के लिए आवासीय योजनाओं, हरित क्षेत्रों, जल सृष्टि पार्क, सिटी फॉरेस्ट, किफायती आवास, फुटपाथ और अवैध निर्माण पर कार्रवाई से जुड़ी योजनाएं सामने रखीं। दूसरी ओर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने आपदा प्रबंधन को विज्ञान और तकनीक से जोड़ते हुए हिमालयी क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक पूर्व चेतावनी और निगरानी प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया।
उद्यमिता और समाज के लिए योगदान पर नवाजा
अड्डा उत्तराखंड कॉनक्लेव में उद्यमिता और सामाजिक योगदान को भी मंच मिला। बहरीन से विशेष रूप से पहुंचे रुद्रपुर निवासी सचिन स्टीफन को उल्लेखनीय कार्य करने और अपने गृह जिले में उद्यमिता के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। बहरीन में लक्जरी वॉच ब्रांड रोलेक्स के कंट्री हेड के रूप में कार्यरत स्टीफन ने रुद्रपुर में लक्जरी कार रेंटल व्यवसाय शुरू किया है और अगले तीन वर्षों में इसे 200 वाहनों तथा करीब 250 रोजगार तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। जैसवाल इन्फ्रा के निदेशक डॉ. किशोर कुमार अट्टल को भी उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारी, शिक्षक, पत्रकार, कारोबारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
आप सभी का तहेदिल से आभार
अड्डा उत्तराखंड कॉनक्लेव को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए अड्डा इनसाइडर के प्रमुख संपादक पवन लालचंद ने आभार प्रकट किया। उन्होंने तमाम मेहमानों से लेकर राजनेताओं, अफसरों, शिक्षाविदों, पत्रकारों, छात्र-छात्राओं और तकनीकी सहयोग से लेकर इवेंट को धरातल पर उतारने वाले तमाम साथियों का अड्डा इनसाइडर और द न्यूज़ अड्डा परिवार की ओर से आभार जताया।

