धामी सरकार 2.0 में चमका उत्तराखंड! अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना, प्रतिव्यक्ति आय पौने तीन लाख, क्या कहता है आर्थिक सर्वेक्षण?
बीते चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था हुई डेढ़ गुना। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय पौने तीन लाख रुपए हुई। इस दौरान विकास दर में वृद्धि हुई और गरीबी की दर में कमी आई। जानिए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है?
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देहरादून। पुष्कर सिंह धामी सरकार 2.0 के दौरान उत्तराखंड की जीडीपी डेढ़ गुना बढ़ गई है। गुरुवार को नियोजन विभाग द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी 3,81,889 करोड़ रुपए रहा, जो वर्ष 2021-22 में 2.54 लाख करोड़ रुपए था। इस तरह से बीते चार वर्षों में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ गया है।गुरुवार को नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2021-22 में राज्य में प्रति व्यक्ति आय 1,94,670 रुपए थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 2,73,921 रुपए हो गई। प्रमुख सचिव सुंदरम ने बताया कि इस वर्ष आर्थिक सर्वेक्षण नेशनल कांउसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) के साथ मिलकर तैयार किया गया है।
आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा-
“उत्तराखंड राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण के सकारात्मक आंकड़े हमारे सतत विकास और सुशासन के प्रयासों का परिणाम हैं। जीएसडीपी, प्रति व्यक्ति आय, एमएसएमई, स्टार्टअप और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति यह दर्शाती है कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
प्रमुख सचिव सुंदरम ने कहा कि वर्ष 2024-25 में राज्य की आर्थिक विकास दर 7.23 प्रतिशत रही है, जबकि गरीबी घटी है। उन्होंने कहा कि मल्टी डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स वर्ष 2021-22 में 9.7 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट वर्ष 2021-22 में 60.1 प्रतिशत था, वर्ष 2024-25 में 64.4 प्रतिशत है, जो रोजगार के क्षेत्र में 4.3 प्रतिशत की बढोत्तरी को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स वर्ष 2001 में 0.247, वर्ष 2017 में 0.684, वर्ष 2021-22 में 0.718 जो अब बढ़कर वर्ष 2024-25 में 0.722 हो गया है।
आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की कुल संख्या 59,798 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 79,394 हो गई। उन्होंने एमएसएमई के तहत रोजगार पाने वालों की संख्या वर्ष 2022 में 3,43,922 थी जो वर्ष 2025 में बढ़कर 4,56,605 हो गई है। राज्य में वर्ष 2021-22 तक बड़े उद्योगों की संख्या 107 थी जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 128 हो गई हैं। इसके साथ राज्य में वर्ष 2017 तक स्टार्टअप की संख्या शून्य थी, जो वर्ष 2021-22 में 702 थी तथा वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1750 हो गई है।
प्रमुख सचिव सुंदरम ने बताया कि राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई वर्ष 2021-22 में 50,393 किलोमीटर थी, जो 2024-25 में बढ़कर 51,278 किमी हो गई। राज्य में 2022 तक 2 हेलीपोर्ट थे, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 7 हो गए। हेलीपेड की संख्या वर्ष 2021-22 में 60 थी जो वर्ष 2024-25 में 118 हो गई है। उन्होंने बताया कि प्राइमरी विद्यालयों में ड्रॉपआउट का अनुपात वर्ष 2021-22 में 1.64 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 1.41 प्रतिशत हो गया है, जबकि सेकेंडरी विद्यालयों में यह अनुपात वर्ष 2021-22 में 7.65 प्रतिशत था जो वर्ष 2024-25 में 4.59 प्रतिशत हो गया है।
प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य में शासकीय एवं अशासकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या वर्ष 2021-22 में 124 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 139 हो गई है। इसके साथ इंजीनियरिंग कॉलेज (गवर्नमेंट एवं प्राइवेट) की संख्या वर्ष 2021-22 में 20 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हो गई है। उन्होंने बताया राज्य में 2021-22 में कुल 5157 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन होता था, जो 2024-25 में यह उत्पादन बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। जबकि कंजम्पशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी (बिजली खपत) में बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2022 में बिजली की खपत 12518 मिलियन यूनिट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट हो गई है।
मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि सोलर इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन के क्षेत्र में राज्य में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। वर्ष 2021-22 में सौर ऊर्जा के माध्यम से 439 मेगावाट उत्पादन होता था, जो 2025 में बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में शिशु मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) वर्ष 2021-22 में 22 था, जो 2024-25 में घटकर 20 पर आ गया है। इसके साथ मातृ मृत्यु दर वर्ष 2021-22 में 103 थी, जो 2024-25 में घटकर 91 पर आ गई है। इसके साथ ही राज्य में लाइफ एक्सपेर्टेंसी की उम्र 71.7 साल से बढ़कर 73 साल हो गई है।
प्रमुख सचिव सुंदरम ने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 में 97 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा थी जो अब शत-प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान और गेहूं उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई। चावल और गेहूँ उत्पादन वर्ष 2021-22 में 28.23 कुंतल प्रति हेक्टेयर था जो अब बढ़कर 32.47 कुंतल प्रति हेक्टेयर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में औषधीय एंड एरोमैटिक प्लांट का एरिया कुल 900 हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 10 हजार हेक्टेयर हो गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में वर्ष 2021-22 तक 50.92 लाख लीटर/प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 54.59 लाख लीटर/प्रतिदिन हो गया है। वहीं मत्स्य उत्पादन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। मत्स्य उत्पादन वर्ष 2021-22 में कुल 7325 टन प्रतिवर्ष होता था, जो 2024-25 में बढ़कर 10487 टन प्रतिवर्ष हो गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में वर्ष 2021-22 में 8225 होटल/अदर स्टे थे जो 2024-25 में बढ़कर 10509 हो गए है। वहीं राज्य में 2021- 22 में 3935 होमस्टे थे, जिनकी संख्या 2024-25 में बढ़कर 6161 पहुंच गई है।
प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि एसडीजी इंडेक्स में वर्ष 2021-22 में राज्य ने चौथा स्थान प्राप्त किया था, वहीं वर्ष 2023-24 में उत्तराखण्ड एसडीजी इंडेक्स की रेंक में देश में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की जीएसडीपी 8.2 प्रतिशत अनुमानित है।
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