सुखवंत आत्महत्या प्रकरण, कटघरे में ऊधमसिंह नगर पुलिस, जांच से हटाई गई

अड्डा फॉलोअप। किसान सुखवंत सुसाइड केस काठगोदाम ट्रांसफर, पीड़ित किसान के घर पर चम्पावत पुलिस तैनात। ऊधमसिंह नगर पुलिस को किसान परिवार से किया दूर, सख्त हिदायत भी।

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  • किसान सुखवंत सुसाइड केस में ऊधमसिंह नगर पुलिस कटघरे में, केस काठगोदाम ट्रांसफर किया गया। ऊधमसिंह नगर पुलिस को पीड़ित परिवार से दूरी बनाने की सख्त हिदायत दी गई। पीड़ित किसान परिवार के घर चम्पावत पुलिस तैनात की गई।

 

हल्द्वानी। काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में ऊधमसिंह नगर पुलिस जांच के कटघरे में आ गई है। खुद पर लगे गंभीर आरोपों के बीच मामले में जिला पुलिस का बढ़ता हस्तक्षेप सवालों के घेरे में था। निष्पक्ष जांच को लेकर उठे संदेह के बाद धामी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पुलिस मुख्यालय से नई एसआईटी गठित कर ऊधमसिंह नगर पुलिस को पूरे मामले से अलग कर दिया है। इतना ही नहीं, पीड़ित किसान के घर पर तैनात ऊधमसिंह नगर पुलिस के जवानों को हटाकर चम्पावत पुलिस की तैनाती की गई है। आत्महत्या से जुड़े जमीन धोखाधड़ी के मामले को काशीपुर की आईटीआई कोतवाली से ट्रांसफर कर नैनीताल जिले की काठगोदाम कोतवाली भेज दिया गया है। एसआईटी जांच तेज करते हुए आईजी नीलेश आनंद भरणे खुद ग्राउंड जीरो पर उतर आए हैं। अब तक मामले में क्या-क्या हुआ, जानिए इस खास रिपोर्ट में…

Farmer Sukhwant Singh

हल्द्वानी के होटल में गोली मारकर दी थी सुखवंत ने जान

ऊधमसिंह नगर जिले के आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी सुखवंत सिंह (40) ने गौलापार स्थित देवभूमि होटल में 10 जनवरी की रात कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से दो दिन पहले सुखवंत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने आईटीआई कोतवाली प्रभारी, पैगा चौकी प्रभारी और ऊधमसिंह नगर के एसएसपी पर प्रॉपर्टी डीलरों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जांच अधिकारी नामित किया था।

सवाल उठने के बाद मुख्यालय से बनाई गई एसआईटी

मामले में अगले ही दिन ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने आईटीआई थाना प्रभारी और एक दरोगा को निलंबित कर दिया था, जबकि पैगा चौकी के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर किया गया। 13 जनवरी को एसपी क्राइम निहारिका तोमर के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी गठित की गई। हालांकि, इस पर सवाल उठे कि जिस जिले के अधिकारियों पर आरोप हैं, वही जांच कैसे कर सकते हैं। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के आदेश पर आईजी कुमाऊं रेंज को एसआईटी जांच सौंपी गई और एसपी बागेश्वर चंद्रशेखर घोड़के को जांच अधिकारी नामित किया गया। अब पुलिस मुख्यालय ने नए सिरे से आईजी नीलेश आनंद भरणे को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें एसपी चम्पावत को जांच अधिकारी बनाया गया है। मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि अब मामले की जांच केवल कुमाऊं कमिश्नर की मजिस्ट्रेटी जांच और मुख्यालय से गठित एसआईटी ही करेगी।

एसआईटी ने डाला डेरा, तेजी से जांच

आईजी नीलेश आनंद भरणे के नेतृत्व में एसआईटी टीम शनिवार दोपहर काठगोदाम सर्किट हाउस पहुंची। यहां एसपी चम्पावत अजय गणपति, सीओ टनकपुर वंदना वर्मा, एक निरीक्षक और दरोगा के साथ बंद कमरे में करीब दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक में अब तक जुटाए गए स्थानीय पुलिस के साक्ष्यों की समीक्षा की गई। शाम चार बजे टीम उस होटल पहुंची, जहां 10 जनवरी की रात सुखवंत ने आत्महत्या की थी। होटल कर्मियों से पूछताछ की गई और चम्पावत से आई फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। एसआईटी टीम में छह तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। साथ ही आईटीआई थाना और पैगा चौकी से केस से जुड़े सभी दस्तावेज टीम ने अपने कब्जे में ले लिए हैं।

परिजनों को ऊधमसिंह नगर पुलिस पर भरोसा नहीं

सुखवंत आत्महत्या प्रकरण में 26 लोगों के खिलाफ काशीपुर की आईटीआई कोतवाली में दर्ज मुकदमे को काठगोदाम थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। आईजी नीलेश आनंद भरणे ने हल्द्वानी पहुंचकर कहा कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है। ईमेल भेजे जाने की बात भी सामने आई थी, जिसकी जांच जारी है। मृतक के परिवार से ऊधमसिंह नगर पुलिस को दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मृतक के भाई परमिंदर की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज हुआ था। परिजनों का आरोप है कि ऊधमसिंह नगर पुलिस ने उनसे जबरन बयान दिलवाने की कोशिश की, इसलिए उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।

सुखवंत के परिजनों से अलग-अलग पांच घंटे पूछताछ

काशीपुर। किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच के लिए पुलिस मुख्यालय से गठित एसआईटी, एसपी चम्पावत अजय गणपति के नेतृत्व में रविवार दोपहर 12 बजे गांव पैगा पहुंची। टीम ने मृतक के परिवार के सात सदस्यों से अलग-अलग करीब पांच घंटे तक पूछताछ कर बयान दर्ज किए। पूछताछ के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।

घर की सुरक्षा में चम्पावत पुलिस तैनात

एसआईटी प्रभारी आईजी नीलेश आनंद भरणे के निर्देश पर गांव पैगा स्थित मृतक किसान के घर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। घर की सुरक्षा में चम्पावत पुलिस के लगभग एक दर्जन जवान तैनात किए गए हैं। तैनात पुलिसकर्मी घर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज कर रहे हैं, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

कुमाऊं कमिश्नर ने दर्ज किए एसएसपी मणिकांत मिश्रा के बयान

किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा के बयान मजिस्ट्रेटी जांच के तहत दर्ज किए। एसएसपी ने करीब दो घंटे तक कमिश्नर को घटना से जुड़े हर पहलू और अब तक की पुलिस जांच की जानकारी दी।
इससे पहले गुरुवार को काशीपुर स्थित आईटीआई थाने के निलंबित प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और पैगा चौकी के लाइन हाजिर प्रभारी एसआई जितेंद्र कुमार से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद बाहर निकले दोनों पुलिसकर्मियों के चेहरों पर तनाव साफ दिखा।
एसडीएम काशीपुर अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार पंकज चंदोला और सब-रजिस्ट्रार महेश चंद्र ने भी जमीन से जुड़े दस्तावेज कुमाऊं कमिश्नर के समक्ष पेश किए।

File Photo: Manikant Mishra, SSP, US Nagar

 

ज़ाहिर है सुखवंत सुसाइड केस में शुरुआती तौर पर ऊधमसिंह नगर पुलिस द्वारा ऐसे कई कदम उठाए गए जिससे पीड़ित परिवार ही नहीं विपक्ष की ओर से भी संदेह प्रकट किया गया कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही हैं। इसी के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय स्तर से एसआईटी गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वैसे भी जिस जिले की पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए किसान सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली, उसी पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती थी? सबसे बड़ा सवाल यह भी था कि क्या अदालत के सामने ऊधमसिंह नगर पुलिस के केस दर्ज करने के दांव-पेंच टिक पाते? मृतक की पत्नी और भाई पर दबाव डालकर बयान बदलवाने के आरोप पुलिस के साथ-साथ धामी सरकार की साख पर भी सवाल खड़े कर रहे थे।

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